दिनांक
11 September 2026
स्थान
Greater Noida
गुरुजी ने समय-समय पर बुजुर्गों का हालचाल जाना, उनका सम्मान किया और उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए सेवा एवं सहयोग प्रदान किया। साथ ही, उन्होंने गाय एवं गौवंश की सेवा, संरक्षण और देखभाल के प्रति समाज को जागरूक करते हुए गौसेवा को अपनी सामाजिक एवं धार्मिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

